कोरबा में एसीबी का बड़ा एक्शन:समाधान शिविर में चालीस हजार की रिश्वत लेते शिक्षा विभाग का बाबू गिरफ्तार..

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है.बिलासपुर एसीबी की टीम ने तुमान इलाके में चल रहे समाधान शिविर में छापा मारकर शिक्षा विभाग के एक बाबू को सरेआम घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा है. राज्य सरकार की तरफ से सुशासन तिहार के तहत लोगों की परेशानियां दूर करने के लिए यह शिविर लगाया गया था लेकिन सरकारी नुमाइंदे यहीं भ्रष्टाचार करने में लगे हुए थे.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला शिक्षा विभाग के एक रुके हुए काम से जुड़ा है. सेवानिवृत्त शिक्षक अमृतलाल बघेल का कुछ विभागीय काम लंबे समय से अटका पड़ा था. इसे पूरा करने के बदले शिक्षा विभाग के बाबू प्रदीप मिश्रा ने उनसे सीधे तौर पर चालीस हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी. बुजुर्ग शिक्षक अमृतलाल बघेल भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय सीधे बिलासपुर स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो के दफ्तर पहुंचे और भ्रष्ट बाबू की लिखित शिकायत दर्ज करा दी.

एसीबी की टीम ने शिकायत की गंभीरता से जांच की और उसे सही पाया. इसके बाद आरोपी बाबू को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक पुख्ता रणनीति बनाई गई. तय योजना के अनुसार शिक्षक अमृतलाल बघेल तुमान में आयोजित समाधान शिविर में पहुंचे. वहां जैसे ही उन्होंने बाबू प्रदीप मिश्रा के हाथों में रिश्वत के चालीस हजार रुपये रखे वहां पहले से सादे कपड़ों में मौजूद बिलासपुर एसीबी के डीएसपी अजीत सिंह और उनकी पूरी टीम ने फुर्ती दिखाते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया.

शिविर के बीचोंबीच अचानक हुई इस छापामार कार्रवाई से वहां मौजूद अन्य अधिकारियों कर्मचारियों और आम जनता में भारी हड़कंप मच गया. किसी को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला. एसीबी की टीम आरोपी बाबू को गिरफ्तारी के तुरंत बाद पास के ही कोषालय विभाग के एक खाली कमरे में ले गई. वहां बंद कमरे में उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. टीम ने रिश्वत के पैसे जब्त कर लिए हैं और मौके पर ही सारी जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है जिसके बाद इस भ्रष्ट बाबू के खिलाफ आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.