बिलासपुर में जमीन से जुड़े मामले सुलझाने 6 अप्रैल को गांवों में लगेंगे विशेष शिविर,15 अप्रैल तक चलेगा पहला चरण..

बिलासपुर जिले के किसानों और आम लोगों के लिए अच्छी खबर है। जमीन से जुड़े पुराने मामलों को निपटाने के लिए प्रशासन की तरफ से राजस्व पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसका पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू हो गया है। जो 15 अप्रैल तक चलेगा इसी कड़ी में 6 अप्रैल को जिले के कई गांवों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में राजस्व विभाग के अधिकारी खुद गांव गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और उनका मौके पर ही हल निकालेंगे।

मौके पर ही होगा जमीन से जुड़ी समस्याओं का समाधान..

इन विशेष शिविरों में जमीन के बंटवारे सीमांकन और नक्शा दुरुस्त करने जैसे जरूरी काम किए जाएंगे। इसके अलावा पेड़ कटाई और बिना विवाद वाले नामांतरण के पेंडिंग मामलों का भी पूरा निपटारा किया जाएगा। शिविर में ही फौती नामांतरण और रिकॉर्ड में किसी भी तरह की गलती सुधारने के लिए तुरंत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इसके बाद लोगों को तुरंत नोटिस जारी कर सुनवाई की जाएगी। ताकि किसानों और आम लोगों को छोटी छोटी बातों के लिए तहसीलों के बार बार चक्कर न लगाने पड़ें।

इन तहसीलों और गांवों में पहुंचेंगे अधिकारी..

सोमवार 6 अप्रैल को बिलासपुर तहसील के मटियारी तालपारा जूना बिलासपुर और बिरकोना में शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा बेलतरा तहसील के उच्चभट्ठी और मंजूरपहरी मस्तूरी के कोसमडीह सीपत के गुड़ी खैरवारपारा ढरकपुर भरूवाडीह और पचपेड़ी के मानिकचौरी सुकुलकारी और लोहर्सी में भी प्रशासन की टीम पहुंचेगी। वहीं तखतपुर सकरी बिल्हा बोदरी कोटा बेलगहना और रतनपुर तहसील के अलग अलग गांवों में भी तहसीलदार मौजूद रहेंगे और मौके पर ही लोगों की परेशानी दूर करेंगे।

कुल तीन चरणों में होगा अभियान कलेक्टर ने की अपील..

बिलासपुर जिले में यह राजस्व पखवाड़ा कुल तीन अलग अलग चरणों में आयोजित किया जा रहा है। इसका पहला चरण 1 से 15 अप्रैल तक चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण 4 मई से शुरू होकर 18 मई तक और तीसरा व अंतिम चरण 1 जून से 15 जून 2026 तक चलाया जाएगा। बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सभी ग्रामीण किसानों और आम जनता से अपील की है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में इन शिविरों में पहुंचे और शासन की इस सुविधा का लाभ उठाते हुए अपनी पेंडिंग समस्याओं का तुरंत समाधान करवाएं।