उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की बड़ी कार्रवाई : ओडिशा के 5 शिकारी गिरफ्तार, भरमार बंदूक व वन्यजीव का मांस जब्त..

गुलेल और तीर-धनुष से उड़न गिलहरी व कोटरी का शिकार, आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड ; कई अन्य फरार..

गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग टीम ने वन्यजीव शिकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा के पांच शिकारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा गुलेल और तीर-धनुष से उड़न गिलहरी तथा कोटरी जैसे वन्यजीवों का अवैध शिकार किया जा रहा था। टीम ने एक आरोपी को भरमार बंदूक के साथ भी पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर उप जेल गरियाबंद भेज दिया गया है।

टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने शिकारियों और वन्यजीव तस्करों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि वे टाइगर रिजर्व क्षेत्र से 50 किलोमीटर दूर रहें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण पाण्डे, मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक श्रीमती सतोविशा समाजदार तथा उपनिदेशक श्री वरुण जैन के मार्गदर्शन में की गई।

जानकारी के अनुसार उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व गरियाबंद के अंतर्गत इंदागांव (घुरवागुड़ी) बफर क्षेत्र के पीपलखूंटा बीट कक्ष क्रमांक 1204 में ओडिशा के नवरंगपुर जिले के रायघर थाना क्षेत्र के ग्राम अछला के चार व्यक्तियों – चमरु कमार, मनीराम पारधी, गुड्डू कमार और लखमु पारधी को वन्यप्राणी कोटरी के अवैध शिकार के आरोप में पकड़ा गया। इस मामले में पी.ओ.आर. प्रकरण क्रमांक 16/392 दिनांक 13 मार्च 2026 दर्ज कर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला कायम किया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर ओडिशा के कोलिहाडबरी गांव निवासी हिरासिंग कमार को भी गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से एक भरमार बंदूक बरामद की गई। वहीं फरार आरोपी गुड्डू के घर से अज्ञात वन्यप्राणी (बयान के आधार पर कोटरी) का कच्चा मांस भी जब्त किया गया है।

वन विभाग के अनुसार इस शिकार प्रकरण में अभी पांच अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। एंटी-पोचिंग टीम ने ओडिशा के नुआपाड़ा, नबरंगपुर, कालाहांडी, बोलांगीर और रायगड़ा जिलों में भी कार्रवाई कर शिकारियों पर दबाव बनाया है।

इस पूरी कार्रवाई में सहायक संचालक (उदंती) मैनपुर, परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव गोपाल सिंह कश्यप और सुशील कुमार सागर, दक्षिण उदंती के वन परिक्षेत्र अधिकारी चन्द्रबली ध्रुव, वनपाल भूपेन्द्र कुमार सोनी, वनरक्षक सुश्री जय ललिता ध्रुव, सुश्री पामेश्वरी, विरेन्द्र कुमार ध्रुव,टकेश्वर देवागन सहित अन्य वन कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा। इसके अलावा ओडिशा के नवरंगपुर वनमंडल के एसीएफ सुभाष बुंटिया और उनकी टीम ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार और तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।