छत्तीसगढ़ : 11 जिलों में 29 गौधाम शुरू, जोगीपुर में बनेगा राज्य का पहला गौ-अभ्यारण्य..

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बेसहारा और सड़कों पर घूमने वाले गौवंश को अब सुरक्षित ठिकाना मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को राज्य सरकार की ‘गौधाम योजना’ की शुरुआत की। इसके पहले चरण में प्रदेश के 11 जिलों में 29 गौधामों ने काम करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने बिलासपुर जिले के जोगीपुर में राज्य के पहले गौ-अभ्यारण्य की नींव भी रखी।

184 एकड़ में बनेगा गौ-अभ्यारण्य..

कोटा विकासखंड के जोगीपुर में बनने वाला यह प्रदेश का पहला गौ-अभ्यारण्य करीब 184 एकड़ जमीन पर फैला होगा।यहां एक साथ लगभग 2500 पशुओं को सुरक्षित रखा जा सकेगा। सरकार ने इसके शुरुआती विकास के लिए 1 करोड़ 32 लाख रुपये मंजूर किए हैं।

मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि सरकारी जमीन पर बनने वाले सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। इनमें बिलासपुर जिले के लाखासार, ओखर, जैतपुर और हरदीकला के गौधाम भी शामिल हैं।

सड़क हादसों में आएगी कमी, मिलेगा रोजगार..

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस योजना से सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को आसरा मिलेगा, जिससे सड़क हादसों में भी कमी आएगी। इन गौधामों में गायों के लिए चारे और पानी का पूरा इंतजाम होगा। साथ ही, स्थानीय लोगों को गोबर से उपयोगी सामान बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे गांवों में रोजगार के नए मौके बनेंगे।

दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर..

राज्य में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ समझौता (MoU) किया है। इसके तहत कई जिलों में गाय बांटने का काम शुरू हो गया है, जिसके अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं।

हर ब्लॉक में बनेंगे 10-10 गौधाम..

यह कार्यक्रम बिलासपुर के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने की। इस मौके पर राज्य के कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि आने वाले समय में प्रदेश के हर विकासखंड (ब्लॉक) में 10-10 गौधाम बनाए जाएंगे।

इस दौरान विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल समेत कई स्थानीय नेता, अधिकारी और बड़ी संख्या में पशुपालक व किसान मौजूद रहे।