

बिलासपुर।सरकंडा थाना क्षेत्र के राजकिशोर नगर में मंगलवार को सराफा व्यापारी के साथ हुई सनसनीखेज लूट की वारदात का पुलिस ने महज 36 घंटे में खुलासा कर दिया है। मिर्जापुर एसटीएफ ने बिलासपुर पुलिस की सूचना पर कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों का शॉर्ट एनकाउंटर हुआ, जिनके पैर में गोली लगी है।


एसटीएफ ने आरोपियों के पास से करीब ढाई किलो लूटा गया सोना और नगदी भी जब्त कर ली है।
इस पूरे मामले का खुलासा आज बिलासा गुड़ी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने किया।
योजनाबद्ध तरीके से रची गई थी साजिश..
आईजी ने बताया कि लूट की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने बिलासपुर में वारदात को अंजाम देने के लिए पहले से पूरी योजना बनाई थी।


लुटेरों ने भागने में मदद के लिए टिकरापारा निवासी एक स्थानीय आरोपी का सहारा लिया। वहीं सीपत निवासी एक अन्य सहयोगी ने वारदात के बाद अपने सफेद रंग के स्कॉर्पियो वाहन से आरोपियों को शहर के ऐसे गली-कूचों से नेशनल हाईवे तक पहुंचाया, जहां न तो पुलिस की तैनाती थी और न ही सीसीटीवी कैमरे लगे थे।इसके बाद आरोपियों ने दूसरी गाड़ी ली और अंबिकापुर के रास्ते मिर्जापुर पहुंच गए।
पुराने लूटकांड से जुड़ा तार..

आईजी रामगोपाल गर्ग ने खुलासा करते हुए बताया कि दो माह पूर्व सरकंडा के जबड़ापारा में एक होटल व्यवसायी के साथ हुई लूट में भी इसी गिरोह का हाथ था। उस मामले में एक आरोपी गिरफ्तार हुआ था, जबकि फरार आरोपी विजय लांबा इस लूटकांड में भी शामिल था।
बिलासपुर पुलिस ने तकनीकी जांच के दौरान विजय लांबा का मोबाइल ट्रेस किया। लोकेशन उत्तरप्रदेश में मिलने पर पूरी जानकारी मिर्जापुर एसटीएफ को दी गई।
बैरिकेडिंग कर मुठभेड़ में दबोचा..

सूचना मिलते ही मिर्जापुर एसटीएफ ने इलाके में बैरिकेडिंग कर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद मुठभेड़ हुई और चारों को गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल बिलासपुर पुलिस ने टिकरापारा के सहयोगी आरोपी को शहर से गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मिर्जापुर गई बिलासपुर पुलिस की टीम चारों मुख्य आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर ला रही है।
व्यापारियों में राहत..
36 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई से व्यापारियों में राहत का माहौल है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित वारदातों की जानकारी जुटाने में लगी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध पर सख्ती जारी रहेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष निगरानी बढ़ाई जाएगी।
पकड़े गए आरोपियों में :
विजय लांबा – उत्तम नगर, दिल्ली
मोनू उर्फ राहुल – गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश
विनोद उर्फ बीनू प्रजापति – कोटा, राजस्थान
करीम खान – बरेली, उत्तर प्रदेश
ईरफान अली – टिकरापारा, बिलासपुर



