

जशपुर।छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री ने बुधवार 5 फरवरी 2026 को जशपुर वनमण्डल अंतर्गत स्थित मयाली नेचर कैम्प का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने यहां विकसित की गई इको-एडवेंचर और प्रकृति आधारित पर्यटन गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय रोजगार और सतत पर्यटन विकास का मजबूत आधार बनते हैं।


मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत QR कोड के माध्यम से ऑनलाइन गेट मनी भुगतान कर की। इस अवसर पर उन्होंने डिजिटल इंडिया और कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
एडवेंचर और प्रकृति का अनोखा संगम..


मयाली नेचर कैम्प में वन विभाग द्वारा चक्रीय निधि से समिति को अनुदान देकर विकसित की गई विभिन्न गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। इनमें तीरंदाजी, एटीवी राइडिंग, बॉक्स क्रिकेट, माउंटेन बाइकिंग और वॉल क्लाइम्बिंग (वयस्क एवं बच्चों के लिए) प्रमुख हैं।


मुख्यमंत्री ने इन गतिविधियों में प्रयुक्त उपकरणों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, पर्यटकों की सुविधा और प्रशिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कुछ इको-एडवेंचर गतिविधियों में स्वयं भाग लेकर व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अनुभव भी किया।


स्थानीय रोजगार और स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा..
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति आधारित पर्यटन गतिविधियां स्थानीय युवाओं और स्व-सहायता समूहों को रोजगार देने के साथ-साथ क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को सशक्त बना रही हैं। इससे आजीविका संवर्धन, जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास को नई दिशा मिल रही है।

उन्होंने वन विभाग और संबंधित समिति द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में ऐसी परियोजनाओं के विस्तार और उन्नयन के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग देने की बात कही।
कैक्टस गार्डन भी बना आकर्षण..

मुख्यमंत्री ने मयाली नेचर कैम्प स्थित कैक्टस गार्डन का भी अवलोकन किया। यहां QR कोड के माध्यम से कैक्टस की विभिन्न प्रजातियों की जानकारी प्राप्त कर उन्होंने नवाचारपूर्ण प्रस्तुति की सराहना की। साथ ही कैक्टस गार्डन के संरक्षण और जन-जागरूकता से जुड़े कार्यों को महत्वपूर्ण बताया।
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अधिकारी व जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित..
इस अवसर पर वन विभाग के जशपुर जिले के वनमण्डलाधिकारी शशि कुमार सहित अधिकारी-कर्मचारी, समिति के सदस्य और स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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