

केंद्रीय बजट ने आत्मनिर्भर कृषि की मजबूत नींव रखी : प्रदेश प्रवक्ता बी.पी.सिंह
नई दिल्ली/बिलासपुर। केंद्रीय बजट को किसान-हितैषी बताते हुए भाजपा नेता एवं किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता बी.पी. सिंह ने कहा कि यह बजट छोटे और सीमांत किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में ठोस, व्यावहारिक और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बजट के माध्यम से कृषि को आत्मनिर्भर और लाभकारी बनाने का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया है।
बी.पी. सिंह ने कहा कि बजट में कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्यपालन, सहकारिता और आधुनिक तकनीक को जिस प्राथमिकता के साथ शामिल किया गया है, वह ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से मजबूत करेगा।
पशुपालन के लिए ऋण पर सब्सिडी, मत्स्यपालन हेतु 500 जलाशयों का विस्तार और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास से किसानों को खेती के साथ-साथ वैकल्पिक आय के मजबूत साधन मिलेंगे, जिससे गांवों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उच्च मूल्य वाली कृषि को मिलेगा बढ़ावा..
उन्होंने बताया कि बजट में उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने का निर्णय किसानों के लिए लाभकारी साबित होगा। तटवर्ती क्षेत्रों में नारियल, काजू, कोको और चंदन जैसी फसलों को सहायता दी जाएगी। नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नारियल संवर्धन योजना का प्रस्ताव किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा।
इसके साथ ही पूर्वोत्तर और पर्वतीय क्षेत्रों में बादाम, अखरोट और खुमानी जैसे गिरीदार फलों को प्रोत्साहन देने से कृषि विविधीकरण को मजबूती मिलेगी। वर्ष 2030 तक भारतीय काजू और कोको को वैश्विक प्रीमियम ब्रांड के रूप में विकसित करने के लिए घोषित विशेष कार्यक्रम किसानों के लिए नए बाजार खोलेगा।
एआई तकनीक से बदलेगी खेती..
बी.पी. सिंह ने बजट में लॉन्च किए गए भारत विस्तार एआई टूल को किसानों के लिए क्रांतिकारी पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह टूल छत्तीसगढ़ी सहित अन्य स्थानीय भाषाओं में कृषि संबंधी सलाह उपलब्ध कराएगा, जिससे किसानों को फसल, मौसम, कीट नियंत्रण और बाजार की जानकारी सीधे और आसान तरीके से मिलेगी।
सहकारिता को मिलेगी नई ताकत..
उन्होंने कहा कि दूध, तिलहन, फल और सब्जियों की आपूर्ति से जुड़ी प्राथमिक सहकारी संस्थाओं के साथ-साथ अब पशुचारा और बिनौले की आपूर्ति करने वाली सहकारी संस्थाओं को भी कर कटौती का लाभ देना सहकारिता आंदोलन को और सशक्त करेगा।
अंत में बी.पी. सिंह ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, आत्मनिर्भर कृषि और समृद्ध भारत की मजबूत नींव है। उन्होंने किसानों की ओर से इस किसान-समर्पित बजट का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार को बधाई दी।




