

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित चिंगराजपारा के गंधर्व समाज सामाजिक भवन में 77वां गणतंत्र दिवस देशभक्ति, उत्साह और सामाजिक एकता के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में समाज के बच्चों, युवाओं, वरिष्ठजनों एवं पदाधिकारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। तिरंगे की शान, राष्ट्रगान की गूंज और देशभक्ति गीतों से पूरा परिसर राष्ट्रप्रेम के रंग में सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान से हुई। समाज के गणमान्य नागरिकों एवं वरिष्ठ सदस्यों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने संविधान की गरिमा एवं देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को नमन किया।
ध्वजारोहण के पश्चात बच्चों एवं युवाओं द्वारा देशभक्ति गीत, नृत्य एवं लघु नाटकों की मनोहारी प्रस्तुतियां दी गईं। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया और देश के प्रति गर्व व सम्मान की भावना को और प्रबल किया। वरिष्ठ सदस्यों ने अपने संबोधन में संविधान, लोकतंत्र एवं सामाजिक एकजुटता के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गृह क्षेत्र न्यायाधीश श्री प्रभाकर ग्वाल उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस हमें केवल अपने अधिकारों की ही नहीं, बल्कि कर्तव्यों की भी याद दिलाता है।
संविधान ने हमें समानता, न्याय और स्वतंत्रता प्रदान की है, वहीं समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी भी हम सभी नागरिकों की है। उन्होंने युवाओं से संविधान की मूल भावना को आत्मसात कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
गंधर्व समाज की जिला अध्यक्ष श्रीमती कौशिल्या सागर ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारा एवं एकता को सुदृढ़ करते हैं। वहीं समाज के सचिव श्री राजकुमार गंधर्व ने सभी सदस्यों से एकजुट होकर समाज एवं राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर रामशरण गंगे, रामकुमार गंधर्व, सालिक साहू, गयाराम ठाकुर, शैलेष देवांगन, पंकज गंधर्व सहित समाज के अनेक प्रमुख सदस्य एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन मिठाई वितरण एवं सामूहिक जयघोष के साथ हुआ। संपूर्ण आयोजन ने समाज में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक एकता एवं संविधान के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक सशक्त किया।




