जशपुर की दीदियों का हुनर अब उड़ेगा आसमान में, देश के बड़े एयरपोर्ट्स पर बिकेंगे जश क्राफ्ट के उत्पाद..

जशपुर। जशपुर के जंगलों और गांवों में तैयार होने वाले हस्तशिल्प अब देश के बड़े हवाई अड्डों की शोभा बढ़ाएंगे। 24 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में जश क्राफ्ट और रेयर प्लैनेट के बीच एक बड़ा समझौता हुआ। इस समझौते के बाद अब स्वयं सहायता समूह की दीदियों और वन प्रबंधन समितियों के बनाए सामानों को देश भर के एयरपोर्ट्स पर ग्लोबल मार्केट मिलेगा।

मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने इस कार्यक्रम में शिरकत की और विभाग के काम की जमकर तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी दीदियों के हाथों में जादू है और अब दुनिया उनके इस हुनर को पहचानेगी। कार्यक्रम में जशपुर विधायक और पत्थलगांव विधायक के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष और कई बड़े अधिकारी भी मौजूद रहे।

जश क्राफ्ट बुकलेट और वीडियो का हुआ विमोचन..

समारोह के दौरान जश क्राफ्ट की एक विशेष बुकलेट जारी की गई जिसमें यहां के स्थानीय उत्पादों और सांस्कृतिक विरासत की पूरी जानकारी दी गई है। इसके साथ ही एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई जिसमें दिखाया गया कि कैसे छोटे गांवों से निकलकर यह उत्पाद बाजार तक पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और वहां मौजूद दीदियों से बात कर उनका हौसला बढ़ाया।

दीदियों की मेहनत को मिली नई पहचान..

रेयर प्लैनेट और जेएफएमसी के बीच हुए इस एमओयू से बिचौलियों का रोल खत्म हो जाएगा। अब सीधे एयरपोर्ट पर आउटलेट खुलेंगे जिससे सीधा मुनाफा उन महिलाओं को मिलेगा जो दिन-रात मेहनत कर बांस, लकड़ी और अन्य प्राकृतिक चीजों से सामान तैयार करती हैं।

इस पहल से जिले की हजारों महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री की पत्नी ने भी महिला सशक्तिकरण के इस मॉडल को सराहा और उत्पादों की बारीकियों को करीब से देखा।