छत्तीसगढ़ का मान : कोपरा जलाशय बना प्रदेश का पहला रामसर साइट, पक्षियों को निहारने पहुंचे देशभर के प्रकृति प्रेमी..

बिलासपुर। बिलासपुर के कोपरा जलाशय को भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ का पहला और देश का 95वां रामसर साइट घोषित कर दिया है। इस बड़ी उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए शुक्रवार सुबह जलाशय के किनारे बर्ड वॉक और संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सुबह 7 बजे से ही छत्तीसगढ़ समेत देश के कोने-कोने से आए 97 पक्षी प्रेमियों ने यहां डेरा डाल दिया। दूरबीन और कैमरों के जरिए लोगों ने 62 प्रजातियों के दुर्लभ और रंग-बिरंगे प्रवासी पक्षियों को निहारा।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने जलाशय के आधिकारिक लोगो का विमोचन किया, जिसमें प्रवासी पक्षी बार हेडेड गूज की तस्वीर प्रमुखता से दिखाई गई है।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह मुख्य वन संरक्षक मनोज कुमार पाण्डेय ने प्रतिभागियों से मुलाकात कर की।उन्होंने बताया कि यह साइट अब अंतरराष्ट्रीय नक्शे पर आ गई है, जिससे यहां पर्यटन और पक्षी संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली से आए पॉड मैन रामवीर तवर और वाटर मैन वीरेंद्र सिंह ने स्थानीय ग्रामीणों को पक्षियों के महत्व के बारे में समझाया।

विशेषज्ञों ने बताया कि कोपरा जलाशय में रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, यूरेशियन कूट और ओपन बिल स्टार्क जैसे विदेशी मेहमान पक्षी भारी संख्या में डेरा डाले हुए हैं।

कोपरा जलाशय हमारी धरोहर : तोखन साहू

समारोह में पहुंचे केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने कहा कि कोपरा का रामसर साइट बनना पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने जोर दिया कि इसे बचाने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हम सबकी है।

विधायक धर्मजीत सिंह और सुशांत शुक्ला ने भी जलाशय के संरक्षण पर अपने विचार रखे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने हमर ‘कोपरा हमर गौरव’ का संदेश देते हुए प्रतीक चिन्ह जारी किया।

स्मृति वन से संवरेगा इलाका..

हादसे और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल और प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पाण्डेय ने स्मृति वन के विकास का रोडमैप तैयार किया।

अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में यहां स्मृति वाटिका को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि शहरवासियों को शुद्ध वातावरण और पक्षियों को सुरक्षित ठिकाना मिल सके। अंत में वनमण्डलाधिकारी नीरज कुमार ने सभी का आभार जताया।