पुलिस को मिला 31 दिसंबर का टारगेट : आईजी ने दिए लंबित चालानों और अपराधों पर तत्काल एक्शन का निर्देश..

बिलासपुर। साल खत्म होने से ठीक पहले पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) डॉ. संजीव शुक्ला ने बिलासपुर रेंज के सभी पुलिस अधीक्षकों (SP) की अपराध समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में आईजी ने सख्त लहजे में सभी अधिकारियों को 31 दिसंबर 2025 तक थानों में लंबित पड़े अपराध, चालान, मर्ग, शिकायतें और विभागीय जाँच के मामलों को हर हाल में खत्म करने का कड़ा लक्ष्य दे दिया है।

आईजी का डंडा : लंबित काम और अनुशासन पर फोकस..

03 दिसंबर 2025 को हुई इस बैठक में आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने मुख्य रूप से 2023, 2024 और 2025 के आपराधिक आँकड़ों की समीक्षा की। उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को साफ निर्देश दिए कि थानों में अब टालमटोल नहीं चलेगी।

अपराध और चालान : 31 दिसंबर से पहले लंबित अपराधों, मर्ग प्रकरणों और चालानों का अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाए।

महिलाओं पर सख्ती : महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामलों में तत्काल संज्ञान लेकर कानून सम्मत कार्रवाई की जाए।

बीट सिस्टम : थानों में बीट पुलिसिंग की समीक्षा की गई और इसे प्रभावी तरीके से लागू करने को कहा गया।

पासपोर्ट और सत्यापन : लंबित पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन के प्रकरणों को भी साल खत्म होने से पहले निपटाने का निर्देश दिया गया।

नया कानून, पुराना काम : पोर्टल की हुई जाँच..

आईजी ने यह भी जाँच की कि जिलों में पुलिसकर्मी नए कानूनों से संबंधित पोर्टल्स (जैसे ई-साक्ष्य, ई-संमस, नेटग्रिड, क्राईमेक, समन्वय पोर्टल, आई.ओ. मितान, एनसीसीआरपी पोर्टल) पर कितनी फुर्ती से काम कर रहे हैं। इस समीक्षा से साफ हो गया है कि नए डिजिटल पुलिसिंग सिस्टम को लेकर पुलिसकर्मियों में उदासीनता बनी हुई है।

जुए-सट्टे और शराब माफिया पर टूटें..

आईजी ने सामाजिक अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए भी कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिलों में संगठित जुआ-सट्टा पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। साथ ही, अवैध शराब की डिमांड और सप्लाई पर लगातार निगरानी रखी जाए और इसकी बिक्री पूर्णरूप से प्रतिबंधित की जाए। आबकारी मामलों के अभ्यस्त अपराधियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा, जब्त किए गए मादक पदार्थों का नियमों के तहत 31 दिसंबर 2025 से पहले नष्टीकरण करने का भी निर्देश दिया गया।

अनुशासनहीनता पर तत्काल बर्खास्तगी..

डॉ. संजीव शुक्ला ने पुलिस बल में अनुशासन को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी पूर्ण अनुशासन में रहें, यह सुनिश्चित किया जाए। किसी भी तरह की अनुशासनहीनता के लिए संबंधित के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि बल में अनुशासन का स्तर बना रहे। उन्होंने राजपत्रित अधिकारियों को नियमित रूप से थानों की निगरानी करने और अधीनस्थों को सही मार्गदर्शन देने के लिए भी कहा।

इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह, एसपी रायगढ़ दिव्यांग पटेल, एसपी कोरबा सिद्धार्थ तिवारी, एसपी सारंगढ़ बिलाईगढ़ अंजनेय वार्ष्णेय, एसपी गौरेला पेण्ड्रा मरवाही सुरजन राम भगत, एसपी सक्ती प्रफुल्ल ठाकुर समेत रेंज के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।