बिना मान्यता पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट को सीएमएचओ ने थमाया नोटिस..अनियमितताओं पर सख्त जिला प्रशासन, दस्तावेज पेश करने के निर्देश..

CMHO served notice to unrecognized paramedical institute.. District administration strict on irregularities, instructions to submit documents..

बिलासपुर। जिले में बिना मान्यता के पैरामेडिकल कोर्स संचालित करने वाले संस्थानों पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सरकंड़ा मुक्तिधाम चौक के पास संचालित माई एजुकेशन पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. प्रमोद तिवारी ने नोटिस जारी किया है। संस्थान पर आरोप है कि यह छत्तीसगढ़ पैरामेडिकल कौंसिल से मान्यता प्राप्त किए बिना एडमिशन लेकर कक्षाएं चला रहा है और छात्रों को अन्य राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और झारखंड की डिग्री प्रदान कर रहा है।

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इस संबंध में शिकायतें मिली थीं। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने कलेक्टर से इस संस्थान की जांच की मांग की थी। शिकायत के आधार पर कलेक्टर ने सीएमएचओ को जांच का निर्देश दिया। इसके तहत डॉ. रेणुका सेम्यूअल और डॉ. सौरभ शर्मा की टीम ने संस्थान का निरीक्षण किया। टीम ने संस्थान के दस्तावेजों की जांच की मांग की, लेकिन प्रबंधन द्वारा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।

सीएमएचओ ने संस्थान को नोटिस देकर तीन दिनों के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा है। अगर समय पर दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, तो संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पांच बिंदुओं में मांगी गई जानकारी..

1. छत्तीसगढ़ पैरामेडिकल कौंसिल से मान्यता का प्रमाण।

2. संस्थान में प्रवेश लेने वाले छात्रों का वर्षवार विवरण और संपर्क जानकारी।

3. संस्थान का संचालन कब से हो रहा है, इसकी जानकारी।

4. संस्थान द्वारा संचालित सभी पैरामेडिकल कोर्स की सूची।

5. संस्थान से संबद्ध अन्य कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों के दस्तावेज।

शिक्षा और स्वास्थ्य में अनियमितताएं..

बिलासपुर जिले में कई छोटे संस्थान बिना मान्यता के कक्षाएं चलाते हुए शिक्षा प्रणाली और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रशासन का यह कदम शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।