

Initiative of Janta Congress Chhattisgarh (J) to merge with Congress, decision in the hands of high command..

रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसीजे) ने कांग्रेस में विलय की इच्छा व्यक्त की है। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रेणु जोगी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को पत्र लिखकर यह प्रस्ताव रखा है। उन्होंने लिखा है कि स्वर्गीय अजीत जोगी द्वारा स्थापित पार्टी की विचारधारा कांग्रेस से मेल खाती है, और कोर कमेटी ने सर्वसम्मति से कांग्रेस में विलय का निर्णय लिया है।
डॉ. रेणु जोगी ने कांग्रेस आलाकमान, विशेषकर राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट से भी इस संदर्भ में अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को कांग्रेस पार्टी से हमेशा स्नेह मिला है, और उनकी विचारधारा कांग्रेस के साथ संगत है।
इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए, कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने बताया कि अभी तक औपचारिक रूप से ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। यदि ऐसा पत्र मिलता है, तो ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) इस पर निर्णय लेगी।
गौरतलब है कि स्वर्गीय अजीत जोगी ने 2016 में कांग्रेस से अलग होकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की स्थापना की थी। 2018 के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने 5 सीटें जीती थीं, लेकिन अजीत जोगी के निधन के बाद पार्टी की स्थिति कमजोर होती गई। पिछले विधानसभा चुनावों में पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी, जिससे कई नेता पार्टी छोड़कर अन्य दलों में शामिल हो गए।
अब, जेसीसीजे के कांग्रेस में विलय की पहल से छत्तीसगढ़ की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं। देखना होगा कि कांग्रेस आलाकमान इस प्रस्ताव पर क्या निर्णय लेता है और इसका राज्य की राजनीतिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता है।



