

बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस ने विदेशी निवेश और डिमांड ड्राफ्ट के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने व्हाट्सएप, फर्जी ईमेल आईडी और बैंकिंग प्रक्रिया का दुरुपयोग कर पीड़ित से 3 करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक की ठगी की थी।

पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें आरोपी ने खुद को विदेशी निवेशकों से जुड़ा बताकर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया।
ऐसे रचा गया ठगी का जाल..
पीड़ित ने थाना चकरभाठा में शिकायत दर्ज कराई कि वर्ष 2024 की शुरुआत में उसे एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप मैसेज मिला। मैसेज भेजने वाले ने खुद को ग्रेट ब्रिटेन का “डॉ. लोव्हीत” बताया और बाद में अपनी कथित सहयोगी “ग्रेस डेविड” (स्कॉटलैंड निवासी) से संपर्क करवाया।
ग्रेस डेविड ने भारत में कैंसर अस्पताल, ब्लाइंड इंस्टिट्यूट, रियल एस्टेट और लॉ कॉलेज में करीब 500 करोड़ रुपये निवेश करने का प्रस्ताव दिया और पीड़ित को पार्टनर बनाने का झांसा दिया। इस भरोसे में आकर पीड़ित ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराई और लगातार संपर्क में रहा।
डिमांड ड्राफ्ट के नाम पर करोड़ों की वसूली..
10 जून 2024 को महिला के भारत आने और उसके नाम पर 103 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट होने की बात कही गई। इसके बाद ड्राफ्ट क्लियरेंस के नाम पर पीड़ित से अलग-अलग बहानों से पैसे मांगे गए।
होटल और दैनिक खर्च, एंबेसी और बैंक प्रक्रिया, प्रवर्तन निदेशालय, आरबीआई और कस्टम कार्रवाई इन सबके नाम पर लगातार रकम ली जाती रही। शुरुआत में छोटी रकम लेने के बाद आरोपी ने धीरे-धीरे बड़ी रकम ऐंठ ली।
पीड़ित ने 31 जुलाई 2024 तक अपने और परिवार के खातों से करीब 11.5 लाख रुपये और बाद में आरोपी के खाते में 3.13 करोड़ रुपये से अधिक ट्रांसफर कर दिए।
फर्जी ईमेल से बना “अधिकारी”, करता था ठगी..
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी नवीन जून (34 वर्ष), निवासी सोनीपत (हरियाणा) ने खुद ही कई फर्जी ईमेल आईडी बनाईं और बैंक, एंबेसी व अन्य सरकारी संस्थाओं का अधिकारी बनकर पीड़ित को भ्रमित करता रहा।
पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। वह पहले बैंक में डायरेक्ट सेलिंग एजेंट रह चुका है और बैंकिंग प्रक्रियाओं की जानकारी का फायदा उठाकर इस ठगी को अंजाम दिया।
महंगी गाड़ियां और इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त..
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से थार (Thar) और वेन्यू (Venue) कार, मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप जब्त किए हैं।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी..
पुलिस का मानना है कि इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता हो सकती है। उनकी पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस की अपील :
विदेशी निवेश, लॉटरी या बड़े फायदे के नाम पर आने वाले कॉल, मैसेज या ईमेल से सतर्क रहें। किसी भी अंजान व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी पूरी जांच जरूर करें।



