

बिलासपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रहे हादसों और मजदूरों की मौत को लेकर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपना लिया है। हाल ही में कोनी थाना क्षेत्र के एक प्लांट में हुए ब्लास्ट के बाद कांग्रेस शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर उद्योगों में सुरक्षा व्यवस्था नहीं सुधारी गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। विधानसभा के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में पिछले तीन सालों में 296 मजदूरों की जान जा चुकी है।

बिलासपुर में 60% तक झुलसा क्रेन ऑपरेटर..
शनिवार, 28 मार्च को बिलासपुर के नीरतू-घुटकू (कोनी) स्थित एक स्टील एंड पावर प्लांट में बड़ा हादसा हुआ। यहां इंडक्शन फर्नेस फटने से 26 साल का क्रेन ऑपरेटर आशुतोष कुमार बुरी तरह झुलस गया। वह करीब 60 प्रतिशत तक जल चुका है। धुआं फेफड़ों में भर जाने के कारण उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। फिलहाल, शहर के प्रताप चौक स्थित एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर मजदूरों में काफी गुस्सा है।
मुआवजा काफी नहीं, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू हो..
कांग्रेस शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि उद्योगों में सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।हादसों के बाद प्रशासन केवल मुआवजा देकर मामले को शांत कर देता है। उन्होंने मांग की है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाए। जिन फैक्ट्रियों में हादसे हो रहे हैं, वहां के जिम्मेदार लोगों और प्रबंधन के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर जल्द एक्शन नहीं लिया गया, तो असंगठित मजदूरों के हक के लिए कांग्रेस बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी।
राज्य में 1000 से ज्यादा फैक्ट्रियां खतरनाक श्रेणी में..
कांग्रेस का आरोप है कि पिछले एक साल में कई बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, फिर भी सेफ्टी ऑडिट और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले तीन सालों में औद्योगिक हादसों में 296 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 248 लोग घायल हुए हैं। पूरे प्रदेश में 7300 से अधिक फैक्ट्रियां चल रही हैं। इनमें से करीब 1000 फैक्ट्रियां खतरनाक श्रेणी में आती हैं। सबसे ज्यादा हादसे स्टील, स्पंज आयरन और पावर सेक्टर में हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि ब्लास्ट, मशीनरी फेल होने और कमजोर स्ट्रक्चर की वजह से मजदूर जान गंवा रहे हैं।
पिछले एक साल के बड़े औद्योगिक हादसे :
22 जनवरी 2026, बलौदाबाजार-भाटापारा : कोल फर्नेस ब्लास्ट में 6 मजदूरों की जान गई, कई गंभीर रूप से घायल हुए।
8 अक्टूबर 2025, सक्ती : एक पावर प्लांट में लिफ्ट गिरने से 4 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई।
25 सितंबर 2025, सिलतरा (रायपुर) : प्लांट का भारी-भरकम ढांचा गिरने से 6 मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
मई 2025, रायगढ़ : फर्नेस में हुए ब्लास्ट के कारण 1 श्रमिक की मौत हुई।



